महाराष्ट्र में पत्रकारों के हितों के लिए एनयूजे महाराष्ट्र संघर्ष करेगी तेज - श्री एस.कुमार

 


मुंबई : देश के सबसे बड़े पत्रकार संगठन "नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स" इंडिया की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हंसराज कनोजिया की अध्यक्षता में गुरुवार, 6 फरवरी 2025 को मुंबई के ओशिवारा स्थित रायगढ़ मिलिट्री स्कूल में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री एस कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एनयूजेआई पिछले 53 वर्षों से देशभर में पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए लड़ने वाला संगठन है। उन्होंने बताया कि इस नव निर्वाचित नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स महाराष्ट्र इकाई के मुकाबले पिछला अनुभव बहुत खराब रहा है, जिसके कारण पत्रकारों को वह सुविधाएं नहीं मिल पाईं।एस कुमार ने आगे कहा कि इस दौर में मीडिया संस्थानों में पत्रकारों की संख्या में कमी आ रही है, जिसके कारण पत्रकारों की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर होती जा रही है। इसका परिणाम यह है कि पत्रकार बड़े बैनरों की बजाय छोटे बैनरों में काम करने को मजबूर हैं। वहीं, इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र महिला मीडिया सेल की अध्यक्ष श्रीमती संजना गांधी भारती ने कहा कि हम महिला मीडिया पत्रकारों पर हो रहे अत्याचारों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया महिला पत्रकारों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास तेज करेगी। इस मौके पर नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री एस कुमार, महाराष्ट्र महिला मीडिया सेल की अध्यक्ष श्रीमती संजना गांधी भारती, रायगढ़ मिलिट्री स्कूल की प्रबंध अध्यक्ष राजू घरत,श्रीमती श्रावणी जोशी,बाबा लोंढे(उपाध्यक्ष),सरदार उत्तम सिंह(कोषाध्यक्ष),पी सी. कपाड़िया (सचिव), राज पांडे (सचिव), मनीष सेठ (सचिव), मीडिया प्रवक्ता इम्तियाज आज़मी, कमिटी सदस्य अर्जुन कांबले, कल्पेश म्हात्रे, रमाकांत मुंडे, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

हंसराज कनौजिया ने कहा, हर जिले में पत्रकारों के संगठन को मजबूत किया जाएगा।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हंसराज कनोजिया ने कहा कि हम मुंबई समेत महाराष्ट्र के हर जिले में पत्रकारों के संगठन को इतना मजबूत बनाएंगे कि आने वाले समय में हम पत्रकारों के परिवारों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान कर सकें। कनोजिया ने आगे कहा कि महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश में पत्रकार अपने परिवार का पालन-पोषण और बच्चों को ठीक से पढ़ा-लिखा भी नहीं पा रहे हैं, इसका मुख्य कारण यह है कि तमाम पत्रकारों के पास औपचारिक डिग्री नहीं है लेकिन उनके पास योग्यता है फिर भी उनके पास नौकरी नहीं है। उन्होंने कहा कि जो वरिष्ठ पत्रकार 60 साल के हो चुके हैं, उन्हें सरकार की नयी पेंशन योजना के तहत 20 हजार रुपये मासिक भता दिलाने के लिए हम प्रयास तेज करेंगे।